इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम से होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों की नियमित रूप से निगरानी की जाए - मुख्यमंत्री


वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/ अजय कुमार वर्मा
लखनऊ 30 अगस्त अगस्त। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज जनपद गोरखपुर में कोविड-19 के संक्रमण से बचाव, सड़कों के निर्माण, स्वच्छता एवं सेनेटाइजेशन के सम्बन्ध में बैठक करते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कोविड-19 की टेस्टिंग बढ़ाई जाए, बेडों की संख्या में वृद्धि की जाए। कोरोना से बचाव की दिशा में प्रभावी कार्यवाही करने के साथ ही इस सम्बन्ध में जन जागरूकता लायी जाए।
      मुख्यमंत्री ने बी0आर0डी0 मेडिकल काॅलेज के बाल रोग चिकित्सा संस्थान में कोविड अस्पताल शीघ्र संचालित करने हेतु सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुरानी सुपरस्पेशियलिटी भवन में आॅक्सीजन प्लान्ट एक्टिवेट कराकर 50 और बेडों की सुविधा शीघ्र प्रारम्भ की जाए। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि इन्टीग्रेटेड कन्ट्रोल रूम से होम आइसोलेशन में रह रहे कोविड संक्रमित मरीजों की नियमित रूप से निगरानी की जाए और प्रतिदिन दो बार मरीज को फोन कर उनके स्वास्थ्य की जानकारी प्राप्त की जाए। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी व्यक्ति में गम्भीर लक्षण दिखाई दे, तो उसे तत्काल कोविड अस्पताल में शिफ्ट किया जाये। मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी प्राइवेट चिकित्सालय में इलाज के लिए शासन द्वारा निर्धारित दर से अधिक शुल्क न लिया जाए, यदि इसका उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाए। होम आइसोलेशन में 5 श्रेणी के लोग जैसे गर्भवती महिलाएं, बुजुर्ग, बच्चे तथा अन्य बीमारियों से ग्रसित मरीज को रहने की अनुमति न दी जाए।
     मुख्यमंत्री ने कहा कि डोर-टू-डोर सर्वे कराकर अधिक से अधिक लोगों को चिन्हित करते हुए प्रतिदिन कम से कम 4,000 कोरोना टेस्टिंग की जाए तथा जिन क्षेत्रों में ज्यादा कोरोना मरीजों की संख्या मिल रही वहां घर-घर जांच करायी जाए और अधिक से अधिक काॅन्टेक्ट टेªसिंग भी सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि बाजार निर्धारित समयानुसार खुले एवं बन्द हो, आम जन में दो गज की दूरी, मास्क लगाने आदि का व्यापक प्रचार-प्रसार कराया जाए।
      मुख्यमंत्री ने कहा कि बीमारियों को नियंत्रित करने तथा जनपद को बेहतर बनाने के दृष्टिगत स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता है, क्योंकि गंदगी ही बीमारियों की जननी है। जिलाधिकारी एवं मुख्य चिकित्साधिकारी सुबह-शाम कोविड-19 के सम्बन्ध में बैठक अवश्य करें और न्याय पंचायतवार एस0डी0एम0/सी0ओ0 क्षेत्रीय भ्रमण करें।
      मुख्यमंत्री ने ढ़ीले एवं जर्जर तार को ठीक करने, बांस बल्ली के सहारे लगे विद्युत केबिल को हटाने हेतु कार्ययोजना तैयार कर शासन को उपलब्ध कराने के निर्देश देते हुए कहा कि शहरी/ग्रामीण क्षेत्रों में विद्युत संबंधी समस्या नहीं होनी चाहिए। उन्होंने निर्देश दिए कि क्षतिग्रस्त सड़कांे की मरम्मत बेहतर ढंग से कराया जाए। शहर में जल जमाव की स्थिति न हो, इसलिए जल निकासी की समुचित व्यवस्था की जाए। उन्होंने जल जमाव वाले क्षेत्रों का सर्वे कराकर एक सप्ताह के अन्दर कार्य योजना तैयार कर उसका प्रस्तुतिकरण करने के निर्देश जी0डी0ए0 एवं नगर निगम को दिए। मुख्यमंत्री ने मोहद्दीपुर से जंगल कौड़िया एवं नौसढ़ से बाघागाड़ा, गोरखपुर-वाराणसी मार्ग, गोरखपुर-देवरिया मार्ग के निर्माण की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों निर्देश दिए कि ये सभी निर्माण कार्य पूरी गुणवत्ता एवं समय पर पूर्ण कर लिए जाए।
      इस अवसर पर मण्डलायुक्त जयन्त नार्लिकर, जिलाधिकारी के0 विजयेन्द्र पाण्डियन, मुख्य विकास अधिकारी इन्द्रजीत सिंह सहित शासन-प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।