‘‘महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना‘‘ के तहत फल संरक्षण आधारित एक माह का उद्यमिता प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू
लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य के युवाआंे को रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान करने हेतु विभिन्न क्षेत्रों में उद्यमिता विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन की व्यवस्था की है। सरकार द्वारा ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों के युवकों को खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में हुनरमंद बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह जानकारी खाद्य प्रसंस्करण विभाग के उप निदेशक प्रवीण कुमार ने दी। उन्होंने बताया कि उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग द्वारा राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण केन्द्र लखनऊ को प्रशिक्षण कार्यक्रमों के आयोजन का दायित्व दिया गया है। इसी क्रम में महात्मा गांधी ग्राम स्वरोजगार योजना के तहत सामुदायिक फल संरक्षण केन्द्र द्वारा एक माह का उद्यमिता विकास प्रशिक्षण का कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसमें प्रशिक्षणार्थी फल संरक्षण के विविध क्षेत्रों का प्रशिक्षण लेकर अपना रोजगार आसानी से शुरू कर सकते हैं। आज फल प्रसंस्कृत उत्पादों की बाजार में अच्छी मांग हैं। प्रशिक्षणार्थी अपने रोजगार के साथ ही इस उद्यम में अन्य लोगों को भी रोजगार के अवसर उपलब्ध करा सकते हैं। उन्होंने लाभार्थियों को इकाई स्थापना के लिए प्रोत्साहित करते हुए विभिन्न क्षेत्र जैसे- खाद्य प्रसंस्करण, फल एवं सब्जी  प्रसंस्करण, आॅयल स्पेलर तथा अन्य अनाज प्रसंस्करण हेतु जानकारी देते हुए कहा कि इकाई स्थापना हेतु प्रस्ताव तैयार किये जायें उन्हें धरातल पर अवश्य लाभार्थी उतारें। जिससे स्वयं के रोजगार के साथ-साथ अन्यों को भी रोजगार मिल सके। उन्होंने कहा कि प्रसंस्करण इकाई स्थापित करने में उनका विभाग हरसंभव सहयोग प्रशिक्षणार्थियों को प्रदान करेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम के अन्तर्गत खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी श्री धीरेन्द्र राजन ने इकाई स्थापना से संबंधित जानकारी प्रदान की है। एक अन्य खाद्य प्रसंस्करण अधिकारी श्री प्रभाकर नागू द्वारा बेकरी इकाई स्थापित करने में लाभार्थियों को प्रस्ताव तैयार करने संबंधी जानकारी दी गई। फल संरक्षण अधिकारी/निदेशक रीजनल फूड एनालिसिस रिसर्च संेटर, लखनऊ के डा0 एस0के0 चैहान ने सूक्ष्म एवं लघु इकाई स्थापना हेतु व्यवहारिक और तकनीकि जानकारी प्रशिक्षणार्थियों को दी। राजकीय सामुदायिक फल संरक्षण एवं प्रशिक्षण केन्द्र के प्रभारी अनूप कुमार श्रीवास्तव ने उद्यमिता विकास कार्यक्रम के आयोजन के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि फल संरक्षण योजना एक प्रमुख कार्यक्रम है, इसमें दक्ष होकर प्रशिक्षणार्थी सुविधापूर्वक अपना व्यवसाय शुरू कर सकते हैं।

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