बाढ़ : वर्तमान में प्रदेश के सभी तटबंध सुरक्षित - आयुक्त संजय गोयल


 वेबवार्ता(न्यूज़ एजेंसी)/अजय कुमार वर्मा 
लखनऊ 21 अगस्त। उत्तर प्रदेश के राहत आयुक्त संजय गोयल ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बाढ़ प्रभावित जनपदों के अधिकारियों को तटबंध की निरन्तर पेट्रोलिंग करने के साथ-साथ बांधों में कटान की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिये है कि प्रदूषित जलजनित व वेक्टर (मक्खी, मच्छर) जनित रोगों की रोकथाम हेतु आवश्यक कार्यवाही किया जाए एवं इन रोगों के उपचार हेतु समुचित औषधियों का पर्याप्त स्टाक भी सुनिश्चित किया जाए। पशुओं के आहार हेतु चारा भूसा आदि की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
 श्री गोयल ने बाढ़ की स्थिति से अवगत कराते हुए बताया कि प्रदेश में वर्तमान में सभी तटबंध सुरक्षित है। बाढ़ के संबंध में निरन्तर अनुश्रवण का कार्य किया जा रहा है। कहीं भी किसी प्रकार की चिंताजनक परिस्थिति नहीं है। प्रदेश के बाढ़ प्रभावित जनपदों मंे सर्च एवं रेस्क्यू हेतु एन0डी0आर0एफ0 की 15 टीमें तथा एस0डी0आर0एफ0 व पी0ए0सी0 की 07 टीमें इस प्रकार कुल 22 टीमें तैनाती की गयी है। 1,086 नावें बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में लगायी गयी है। बाढ़/अतिवृष्टि की आपदा से निपटने हेतु बचाव व राहत प्रबन्धन के सम्बन्ध में विस्तृत दिशा निर्देश जारी किये जा चुके है। 
 श्री गोयल ने बताया कि बाढ़ पीड़ित परिवारों को खाद्यान्न किट का वितरण कराया जा रहा है। इस किट में 17 प्रकार की सामग्री जिसमें 10 किलो आटा, 10 किलो चावल, 10 किलो आलू, 05 किलो लाई, 02 किलो भूना चना, 02 किलो अरहर की दाल, 500 ग्रा0 नमक, 250 ग्रा0 हल्दी, 250 ग्रा0 मिर्च, 250 ग्रा0 धनिया, 05 ली0 केरोसिन, 01 पैकेट मोमबत्ती, 01 पैकेट माचिस, 10 पैकेट बिस्कुट, 01 ली0 रिफाइन्ड तेल, 100 टेबलेट क्लोरीन एवं 02 नहाने के साबुन वितरित किये जा रहे है। उन्होंने बताया कि अब तक राहत सामग्री के अन्तर्गत 1,06,623 खाद्यान्न किट व 2,34,224 मी0 तिरपाल का वितरण किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि 296 मेडिकल टीम लगायी गयी है।
 श्री गोयल ने बताया कि बाढ की आपदा से निपटने के लिए प्रदेश में 373 बाढ़ शरणालय तथा 784 बाढ़ चैकियां स्थापित की गयी है। वर्तमान में प्रदेश के 16 जनपद (अम्बेडकरनगर, अयोध्या, आजमगढ़, बहराइच, बलिया, बाराबंकी, बस्ती, देवरिया, फर्रूखाबाद, गोण्डा, गोरखपुर, कुशीनगर, लखीमपुरखीरी, मऊ, संतकबीरनगर तथा सीतापुर) के 875 गांवों बाढ़ से प्रभावित है। शारदा नदी, पलिया कला (लखीमपुरखीरी), शारदा बैराज (लखीमपुरखीरी), राप्ती नदी राप्ती बैराज (श्रावस्ती) सरयू (घाघरा) नदी एल्गिनब्रिज (बाराबंकी), (अयोध्या) तथा तुर्तीपार (बलिया)में अपने खतरे के जलस्तर से ऊपर बह रही है। प्रदेश में 385 पशु शिविर स्थापित किये गये है तथा 6,75,772 पशुओं का टीकाकरण भी किया गया हैं। उन्होंने बताया कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अब तक कुल 3,016 कंुतल भूसा वितरित किया गया है। आपदा से निपटने के लिए जनपद एवं राज्य स्तर पर आपदा नियंत्रण केन्द्र की स्थापना की गयी है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बाढ़ या अन्य आपदा के संबंध में कोई भी समस्या होती है तो वह जनपदीय आपदा नियंत्रण केन्द्र या राज्य स्तरीय कंट्रोल हेल्प लाइन नं0-1070 पर फोन कर सम्पर्क कर सकता है।- इंजेश सिंह


Popular posts
प्रियंका ने वीडियो कांफ्रेंसिंग द्वारा ग्राम विकास अधिकारी और दारोगा भर्ती के अभ्यर्थियों से बातचीत की
Image
राज्यपाल ने प्रगति इंडस्ट्रीज, इंडस्ट्रीयल स्टेट स्थित कांच की फैक्ट्री का निरीक्षण किया
Image
गन्ना किसान फोन पर ही अपनी शिकायत दर्ज कराकर उसका समाधान पा सकेंगे - आयुक्त, संजय आर0 भूसरेड्डी
शारदीय नवरात्र पर नारी सुरक्षा एवं स्वावलम्बन हेतु विविध कार्यक्रमों का आयोजन प्रस्तावित - डाॅ0 दिनेश शर्मा
तालेत्तुताई सोलर प्रोजेक्ट फाइव प्रा0 लि0 को ग्राम खेड़ा एवं शहजादनगर तहसील बिल्सी, जनपद बदायूँ में 12.50 एकड़ से अधिक भूमि क्रय